Ajmer : Alvida Tanav By BK Vijaya behn (28th April to 5 May)

दृढ़ता ही सफलता की चाबी है दृढ़ संकल्प की शक्ति के आगे जीवन के सारे विघ्न धराशाही  हो जाते हैं मनुष्य के भीतर ही उसका भाग्य छुपा रहता है दृढ़ संकल्प वाले उस छिपे हुए  भाग्य को बाहर ले आते हैं कहते हैं कि इरादा बुलंद हो तो पैरों तले होता है हिमालय हौसला हो तो तूफ़ान भी घुटने टेक  देता है जीत के लिए जोखिम उठाना ही पड़ता है दृढ़ संकल्प वालों के आगे अनुकूल परिस्थितियों की जगह स्कूल परिस्थितियां आती है, लेकिन वह प्रतिकूलता में अनुकूलता ढूंढ निकालते हैं ,यह विचार व्यक्त किए ब्रह्माकुमारी विजय ने, रेड क्रॉस सोसाइटी जेएलएन अस्पताल के सामने आयोजित अलविदा तनाव शिविर में साधकों को संबोधित कर रही थी, आपने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि तनाव मुक्ति के लिए मनोबल की अति आवश्यक है और मनोबल बढ़ाने के लिए आवश्यक है स्वयं में परिवर्तन स्वयं में परिवर्तन मानव अपनी नकारात्मक भाव0, संस्कार बोल भावनाएं, विचार  दृष्टिकोण दृष्टिकोण कर सकारात्मक बनाना, मन में सबके प्रति शुभ भावना रखें, प्रतिकूलता में अनुकूलता देखें, दुख में सुख हो जाए जीवन के भविष्य को देखें सबका कल्याण हो सब शुभ, भावना रखें । परिवर्तन उत्सव बनाया- शासकों को दृढ़ प्रतिज्ञा करवाई कोई बदले ना बदले आज से हम अपनी भावना विचार से संस्कार बोल दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन लाएंगे ,अग्नि को साक्षी मानकर इस प्रतिज्ञा को अपने अंत करण में  समा लिया जैसे जैसे प्रतिज्ञा करवाई गई पूरे सभागार में परिवर्तन की लहर छा गई इसके साथ ही युवाओं ने हाथों में परिवर्तन की मशाल लेकर पूरे सभागार का चक्कर लगाया मानो यह वह अपनी प्रतिज्ञा को बार बार पक्का कर रहे हो तभी गूंज उठा परिवर्तन का शंखनाद तो सभी साधक दिखे परिवर्तन के उत्साह में  । इस अवसर  राजयोगनी शान्ता बहन,बी के आशा,बी के रुपा,बी के योगनी व मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ अशोक चौधरी भी मौजूद रहे।